उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के तहत ‘मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना’ शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी गायों की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस लेख में, हम आपको इस योजना से जुड़ी हर एक जानकारी देंगे, जैसे कि योजना क्या है, इसके उद्देश्य क्या हैं, कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए और आप कैसे आवेदन कर सकते हैं। यह योजना न केवल आपकी आय बढ़ाएगी बल्कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में भी अग्रणी बनाए रखेगी। तो चलिए, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना क्या है?
‘मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना’ उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है, जो ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के अंतर्गत आती है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य स्वदेशी गायों, जैसे गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी और थारपारकर की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना है । इस योजना के तहत, इन नस्लों की गायों को पालने वाले प्रगतिशील पशुपालकों को वित्तीय सहायता और प्रशस्ति पत्र दिए जाते हैं । यह प्रोत्साहन राशि ₹10,000 से ₹15,000 तक हो सकती है, जो गाय की दैनिक दुग्ध उत्पादकता पर निर्भर करती है । यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू है । इसका उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रेरित करना है । यह एक व्यक्तिगत लाभार्थी-उन्मुख योजना है, जिसमें समूह, फर्म या संगठन आवेदन नहीं कर सकते हैं ।
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योजना का उद्देश्य (Objective)
इस योजना के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं, जिनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना और पशुपालकों की स्थिति में सुधार करना है:
- स्वदेशी गायों को बढ़ावा देना: इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उच्च गुणवत्ता और अधिक दुग्ध उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गायों जैसे गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी और थारपारकर को पालने के लिए प्रोत्साहित करना है ।
- पशुपालकों को प्रेरित करना: यह योजना पशुपालकों को उनकी गायों के नस्ल सुधार, बेहतर देखभाल, पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक और प्रेरित करती है ।
- दुग्ध उत्पादन और आय में वृद्धि: योजना का एक और अहम उद्देश्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है ।
- प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता बढ़ाना: इस योजना से प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता को राष्ट्रीय स्तर तक लाने का प्रयास किया जा रहा है ।
- वित्तीय और गैर–वित्तीय प्रोत्साहन: प्रगतिशील पशुपालकों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है, जिससे वे और अधिक प्रेरित हों ।
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना 2025 Overview
योजना का नाम | मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना |
राज्य | उत्तर प्रदेश |
संचालन मंत्रालय | दुग्ध विकास अनुभाग-2, उत्तर प्रदेश शासन |
शुरू की गई | अगस्त 25, 2023 |
किसके लिए | स्वदेशी गायों के प्रगतिशील पशुपालकों के लिए |
प्रोत्साहन राशि | ₹10,000 से ₹15,000 प्रति गाय |
नोडल एजेंसी | नंद बाबा दुग्ध मिशन सोसायटी |
आवेदन की प्रक्रिया | ऑनलाइन (जब पोर्टल चालू हो) और ऑफलाइन |
आधिकारिक अधिसूचना | यहां पर क्लिक करे |
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना 2025 के लाभ
यह योजना पशुपालकों और राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है:
- आर्थिक प्रोत्साहन: इस योजना के तहत, पात्र पशुपालकों को उनकी गाय की दुग्ध उत्पादकता के आधार पर ₹10,000 से ₹15,000 का नकद पुरस्कार दिया जाता है । यह राशि पशुपालकों की आय को बढ़ाने में मदद करती है ।
- नस्ल सुधार को बढ़ावा: योजना का उद्देश्य पशुपालकों को गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी और थारपारकर जैसी स्वदेशी नस्लों को पालने के लिए प्रेरित करना है । इससे इन नस्लों की गुणवत्ता में सुधार होगा ।
- बेहतर पशु प्रबंधन: यह योजना पशुपालकों को गायों की बेहतर देखभाल, गुणवत्तायुक्त पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करती है । इससे पशुओं का स्वास्थ्य सुधरेगा और उत्पादकता बढ़ेगी।
- पुरस्कार और सम्मान: पात्र पशुपालकों को नकद पुरस्कार के साथ-साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है । यह सम्मान उन्हें और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है ।
- राज्यव्यापी कवरेज: यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू है । इससे राज्य के हर कोने के पशुपालक इसका लाभ उठा सकते हैं।
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पात्रता (Eligibility Criteria)
‘मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना’ का लाभ उठाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण पात्रता मानदंड हैं:
- आवेदक को उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए ।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए ।
- यह योजना केवल व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए है। समूह, फर्म या संगठन आवेदन करने के पात्र नहीं हैं ।
- यह योजना केवल स्वदेशी नस्ल की गायों, जैसे गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी और थारपारकर पर लागू है ।
- योजना का लाभ गाय के पहले, दूसरे और तीसरे ब्यात के लिए ही दिया जाएगा ।
- एक गाय को उसके पूरे जीवनकाल में केवल एक बार इस योजना का लाभ मिलेगा । एक पशुपालक अधिकतम दो गायों के लिए ही इस प्रोत्साहन का लाभ ले सकता है ।
- गाय के ब्यात की तारीख से 45 दिनों के भीतर जमा करना होगा ।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
आवेदन करते समय आवेदक को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होंगे:
- पशुपालक के आधार कार्ड की फोटोकॉपी ।
- गाय की पहचान के लिए माइक्रोचिप्स/ईयर टैगिंग सिस्टम या किसी अन्य मान्यता प्राप्त प्रणाली का प्रमाण पत्र और पहचान संख्या ।
- गाय के चालू बीमा का विवरण ।
- पशुपालक की बैंक पासबुक की फोटोकॉपी या कैंसिल चेक ।
- गाय के साथ पशुपालक की पूरी तस्वीर ।
- एक नोटरी शपथ पत्र जिसमें यह प्रमाणित हो कि गाय को उसके जीवनकाल में पहले कभी इस योजना का लाभ नहीं मिला है और वह पहली, दूसरी या तीसरी ब्यात की है ।
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना 2025 में आवेदन प्रक्रिया
इस योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
ऑनलाइन आवेदन
- सभी आवेदन ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के पोर्टल पर ऑनलाइन जमा किए जाएंगे ।
ऑफलाइन आवेदन
जब तक पोर्टल चालू नहीं होता, पशुपालक ऑफलाइन मोड में आवेदन कर सकते हैं ।
- ऑफलाइन आवेदन पत्र संबंधित जिले के मुख्य विकास अधिकारी या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में सीधे या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा किए जा सकते हैं ।
- आवेदन प्राप्त होने के बाद, संबंधित जिले के उप दुग्धशाला विकास अधिकारी या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा आवेदन का स्थलीय सत्यापन किया जाएगा ।
- स्थलीय सत्यापन समिति, जिसमें वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक और पशुधन प्रसार अधिकारी शामिल होते हैं, गाय की दैनिक दुग्ध उत्पादकता का निर्धारण लगातार दो दिनों तक चार दुहान (सुबह और शाम) के आधार पर करेगी ।
- सत्यापन रिपोर्ट और अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, जनपद में गठित ‘डिस्ट्रिक्ट एक्जीक्यूटिव कमेटी’ की सिफारिश प्राप्त की जाएगी । इस सिफारिश के आधार पर, ‘स्टेट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट, नंद बाबा दुग्ध मिशन’ चयनित लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से एक महीने के भीतर एकमुश्त अनुदान जारी करेगी ।
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मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना: प्रोत्साहन राशि का विवरण
गाय की नस्ल | प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन (बेंचमार्क किग्रा में) | प्रोत्साहन राशि |
साहीवाल | 8 से 12 किग्रा तक | ₹10,000 |
12 किग्रा से अधिक | ₹15,000 | |
गिर | 8 से 12 किग्रा तक | ₹10,000 |
12 किग्रा से अधिक | ₹15,000 | |
थारपारकर | 8 से 12 किग्रा तक | ₹10,000 |
12 किग्रा से अधिक | ₹15,000 | |
हरियाणा | 7 से 10 किग्रा तक | ₹10,000 |
10 किग्रा से अधिक | ₹15,000 | |
गंगातीरी | 7 से 8 किग्रा तक | ₹10,000 |
8 किग्रा से अधिक | ₹15,000 |
योजना की विशेषताएँ (Key Features)
‘मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना’ की कुछ खास विशेषताएँ हैं:
- यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू है ।
- यह योजना विशेष रूप से गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी और थारपारकर जैसी स्वदेशी गायों पर केंद्रित है ।
- एक गाय को उसके जीवनकाल में केवल एक बार और एक पशुपालक को अधिकतम दो गायों के लिए ही यह लाभ दिया जाएगा ।
- योजना के तहत ₹10,000 से ₹15,000 तक का नकद पुरस्कार दिया जाता है ।
- प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है ।
- आवेदन और दुग्ध उत्पादकता का स्थलीय सत्यापन एक समिति द्वारा किया जाता है ।
योजना से जुड़ी नवीनतम अपडेट 2025
‘मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना’ के क्रियान्वयन को और अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए इसके दिशा-निर्देशों में कुछ संशोधन किए गए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाना है ।
- अब स्थलीय सत्यापन समिति में ग्राम विकास अधिकारी या ग्राम पंचायत अधिकारी और दुग्धशाला विकास विभाग या पशुपालन विभाग के वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक या पशुधन प्रसार अधिकारी शामिल होंगे ।
- पहले ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन सोसायटी’ नोडल एजेंसी थी, लेकिन अब योजना का क्रियान्वयन और निगरानी ‘पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश’ के अधिकारियों द्वारा ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन सोसायटी’ की देखरेख में किया जाएगा।
- पहले 5% पशुपालकों का रैंडम आधार पर दूसरा सत्यापन ‘डिस्ट्रिक्ट एक्जीक्यूटिव कमेटी’ द्वारा किया जाता था। अब यह सत्यापन मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किया जाएगा ।
- प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश के आधार पर ‘स्टेट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट’ द्वारा राशि अवमुक्त की जाएगी ।
Contact Details
योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, प्रदान किए गए दस्तावेजों में कोई विशिष्ट संपर्क नंबर या ईमेल आईडी नहीं है । आप संबंधित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं, क्योंकि आवेदन ऑफ़लाइन जमा करने की व्यवस्था है।
- Dial:- 0522-3128643
- Email:- info[at]nandbabadugdhmission[dot]up[dot]gov[dot]in
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FAQs
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना है जो स्वदेशी गायों की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रगतिशील पशुपालकों को वित्तीय सहायता और प्रशस्ति पत्र देती है ।
इस योजना के तहत कौन सी गायों की नस्लें शामिल हैं?
इस योजना में गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी और थारपारकर जैसी स्वदेशी नस्लें शामिल हैं ।
एक पशुपालक को अधिकतम कितनी गायों के लिए लाभ मिल सकता है?
एक पशुपालक को अधिकतम दो गायों के लिए इस योजना का लाभ मिल सकता है ।
योजना के तहत प्रोत्साहन राशि कितनी है?
प्रोत्साहन राशि ₹10,000 से ₹15,000 तक है, जो गाय की दैनिक दुग्ध उत्पादकता पर निर्भर करती है ।
आवेदन कैसे किया जा सकता है?
आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल पर ऑनलाइन किए जाएंगे। जब तक पोर्टल चालू नहीं होता, आप ऑफलाइन आवेदन संबंधित मुख्य विकास अधिकारी या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा कर सकते हैं ।
क्या यह योजना सभी जिलों में लागू है?
हाँ, यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू है ।